भगवान शिव द्वारा बताए गए 112 ध्यान सूत्र का वर्णन विज्ञान भैरव तंत्र में मिलता है। इसमें भगवान शिव ने माता भैरवी को 112 ध्यान विधियाँ बताई हैं, जिनके माध्यम से साधक अपनी चेतना के वास्तविक स्वरूप को जान सकता है।
यहाँ 112 विधियों में से कुछ प्रमुख ध्यान विधियाँ संक्षेप में दी जा रही हैं:
1. श्वास पर ध्यान
श्वास के भीतर जाने और बाहर आने के मध्य के सूक्ष्म विराम को अनुभव करें। उसी क्षण में मन शांत हो जाता है।
2. ध्वनि पर ध्यान
किसी ध्वनि को पूर्ण सजगता से सुनें और ध्वनि के स्रोत में विलीन हो जाएँ।
3. भृकुटि ध्यान
दोनों भौंहों के मध्य (आज्ञा चक्र) पर ध्यान केंद्रित करें।
4. आकाश ध्यान
अनंत आकाश को निहारते हुए उसकी विशालता में स्वयं को अनुभव करें।
5. हृदय केंद्र ध्यान
अपने हृदय में स्थित चेतना पर ध्यान लगाएँ।
6. विचारों का साक्षी भाव
विचारों को रोकने का प्रयास न करें, केवल उन्हें आते-जाते देखें।
7. प्रकाश ध्यान
आँखें बंद करके भीतर के प्रकाश का अनुभव करें।
8. आनंद ध्यान
जब भी आनंद उत्पन्न हो, उसी में पूर्णतः जागरूक हो जाएँ।
9. भय का अवलोकन
भय उत्पन्न होने पर उससे भागें नहीं, उसे साक्षी भाव से देखें।
10. शून्यता ध्यान
खालीपन या शून्यता का अनुभव करते हुए उसमें स्थिर रहें।
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